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class 10 social science important questions 2020-2021 MP board important

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class 10 social science important questions


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social science important questions



अध्याय - 8
भारत में राष्ट्रीय जागृति एवं राजनैतिक
संगठनों की स्थापना

प्रश्न 1. सही विकल्प चुनकर लिखिए

1. कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन के अध्यक्ष थे-
(i) दादाभाई नौरोजी,
(ii) अरविन्द घोष,
(iii) गोपाल कृष्ण गोखले,
(iv) व्योमेश चन्द्र बनर्जी।
👇 Answer is 1. (iv) व्योमेश चन्द्र बनर्जी,







2. अंग्रेजी शिक्षा को भारत में मुख्यत: लागू किया-

(ii) मैक्समूलर,
(iv) भारतेन्दु हरिश्चन्द्र।
(i) रामकृष्ण गोपाल,
(iii) मैकाले,
👇 Answer is2. (iii) मैकाले,







3. लाला लाजपत राय ने कौन से समाचार-पत्र के

माध्यम से जनता को संघर्ष के लिए प्रेरित किया ?
(i) केसरी
(ii) संवाद कौमुदी,
(iii) हिन्दुस्तान,
(iv) कायस्थ समाचार।
👇 Answer is 3. (iv) कायस्थ समाचार,







4. निम्नलिखित में से कौन उदारवादी विचारों का नहीं

था?
(i) दादाभाई नौरोजी,
(ii) अरविन्द घोष,
(iii) गोपाल कृष्ण गोखले,
(iv) फिरोजशाह मेहता।
👇 Answer is 4. (ii) अरविन्द घोष,







5. 'स्वतन्त्रता मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे

लेकर रहूँगा'। यह कथन किससे सम्बन्धित है ?
(i) विपिन चन्द्र पाल,
(ii) लाला लाजपत राय,
(iii) अरविन्द घोष,
(iv) बाल गंगाधर तिलक
👇 Answer is 5. 5. (iv) बाल गंगाधर तिलक।







प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-


1. वाइसराय ................... की प्रतिक्रियावादी नीति प्रजातीय भेदभाव से परिपूर्ण थी।
👇 Answer is 1. लॉर्ड लिटिन,






2, कांग्रेस के संस्थापक ..................... को माना जाता है।
👇 Answer is , 2. ए. ओ. ह्यूम,







3. 'वन्देमातरम्' गीत की रचना................ने की।

👇 Answer is , 3. बंकिम चन्द्र चटर्जी,







4. सन् 1883 इण्डियन ऐसोसियेशन का राष्ट्रीय सम्मेलन ................ में बुलाया गया।

👇 Answer is ,4. कोलकाता।







प्रश्न 3. अति लघु उत्तरीय प्रश्न



प्रश्न 1. कांग्रेस ने अपने आरम्भिक काल में दुःखों तथा

शिकायतों के निराकरण के लिए कौन से तरीके अपनाये ?
Answer is उत्तर-कांग्रेस ने अपने आरम्भिक काल में दुःखों तथा शिकायतों के निस्तारण के लिए प्रार्थना-पत्रों, स्मृति-पत्रों और पतिनिधि मण्डलों आदि संवैधानिक तरीकों को अपनाया।






प्रश्न 2. उग्रराष्ट्रवाद विचारधारा के प्रमुख नेताओं नाम बताइए।

Answer is उत्तर-लाला लाजपत राय, बाल गगाधर तिलक, विपिन चन्द्र पाल एव अरविन्द घोष आदि उग्रराष्ट्रवाद विचारधारा के प्रमुख नेता थे।







प्रप्रश्न 3. बहिष्कार का अर्थ स्पष्ट कीजिए।

Answer is उत्तर- बहिष्कार का अर्थ केवल विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार से नहीं था अपितु इसका व्यापक अर्थ था सरकारी सेवाओं, प्रतिष्ठानों तथा उपाधियों का बहिष्कार ।







प्रश्न 4. लॉर्ड कर्जन ने शासन की कौन-सी नीति अपनाई ??

Answer is उत्तर-लॉर्ड कर्जन ने 'फूट डालो और राज करो' की नीति अपनाई।







प्रश्न 5. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना ह्यम किन उद्देश्यों को लेकर की थी ?

Answer is उत्तर-भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना ह्यूम आक्रोशित जनता से हिंसा त्यागने व ब्रिटिश साम्राज्य के सुरक्षा कवच के उद्देश्य को लेकर की थी।








प्रश्न 6. कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन में कितने प्रतिनिधियों ने भाग लिया ?

Answer is उत्तर- कांग्रेस के प्रथम अधिवेशन में 72 प्रतिनिधियों ने भाग लिया।




प्रश्न 4 .लघु उत्तरीय प्रश्न




1. भारत में राष्ट्रीय जागृति के विकास में पश्चिम के विचारों और शिक्षा में क्या भूमिका निभाई।

Answer is उत्तर- अंग्रेजी शिक्षा का प्रचार लार्ड मैकालय ने भारतीय राष्ट्रीयता को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से किया था वह भारत में अंग्रेजी भाषा का प्रचार कर ऐसा वर्ग तैयार करना चाहता था जो ब्रिटिश साम्राज्य के हित के लिए कार्य करें परंतु अंग्रेजी शिक्षा ने भारतीयों को विदेशी बंधन से मुक्ता ने की प्रेरणा दी। अंग्रेजी शिक्षा का ज्ञान होने के कारण भारतीय पाषात्य साहित्य विचार , दर्शन और शासन प्रणाली परिचित हए इस प्रकार पाषात्य शिक्षा ने भारतीयों को राष्ट्रीय स्वतंत्रता, समानता और लोकतंत्र जैसे आधुनिक विचारों से अवगत कराया।







प्रश्न 2. राष्ट्रीय जागृति के विकास में किन भारतीय समाचार-पत्रों ने अपनी भूमिका निभाई थी ? लिखिए।

Answer is उत्तर- भारतीय समाचार-पत्रों में 'कायस्थ समाचार', 'संवाद कौमुदी', 'अमृत बाजार पत्रिका', 'बम्बई समाचार', केसरी', 'मराठा', 'हिन्दू', 'पैट्रियट', 'स्वदेशी मित्रम्', 'आर्य दर्शन' आदि ने राष्ट्रीय जागृति के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।







प्रश्न 3.अंग्रेजों की आर्थिक शोषण की नीति ने भारतीय कटीर उद्योग को कैसे प्रभावित किया ?

Answer is उत्तर-अंग्रेजों की आर्थिक शोषण की नीति के कारण आपतीय उद्योग-धन्धों विशेष तौर पर कुटीर उद्योग को गहरा आघात पहुँचा। भारत से नियात होने वाले माल पर चुंगी की दर विदेशों में बढ़ा दी गई और इंग्लैण्ड की निर्मित वस्तुओं के आयात पर चुंगी की छूट देकर उन्हें भारतीय बाजारों में बेचा जाने लगा । इससे भारत का धन निरन्तर निष्कासित होता गया और आर्थिक ढाँचा लड़खड़ा गया।







प्रश्न 4. भारत में बसने वाले यूरोपियों ने इल्बर्ट बिल का विरोध क्यों किया ?

Answer is उत्तर-इल्बर्ट विल के द्वारा मजिस्ट्रेट और सेशन जज को फौजदारी मुकदमों में यूरोपीय लोगों की सुनवाई का अधिकार दिया जाता था, क्योंकि भारतीय न्यायाधीशों को यूरोपीय अपराधियों का मुकदमा सुनने का अधिकार नहीं था अत: इस भेदभाव को करने के लिए इल्बर्ट बिल लाया गया। परन्तु भारत में बसने वाले यूरोपियों ने इल्बर्ट विल को काला कानून माना और संगठित होकर इसका विरोध किया।







5. कांग्रेस की स्थापना के उद्देश्य क्या थे? लिखिए।

Answer is उत्तर- कांग्रेस की स्थापना के उद्देश्य निम्नलिखित है -
 1 साम्राज्य के विभिन्न भागों में देश के हित के कार्यों में संलग्न ऐसे सभी व्यक्तियों में परस्पर घनिष्ठ और मित्रता को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य करना जो अत्यधिक उत्साही हैं।

 2.अपने सभी देश-प्रेमियों में जाति, धर्म या प्रान्तीयता के सभी सम्भव पूर्वाग्रहों को सीधे मित्रतापूर्ण व्यक्तिगत संपर्क से दूर करना और राष्ट्रीय एकता की उन भावनाओं को पूरी तरह विकसित और संगठित करना, जिनका जन्म लार्ड रिपन के शासन काल के दौरान हुआ था।

 3.तत्कालीन महत्वपूर्ण और ज्वलन्त सामाजिक समस्याओं के बारे में शिक्षित वर्ग के परिपक्व व्यक्तियों के साथ पूरी तरह से विचार-विमर्श करने के बाद बहुत सावधानी से इनका प्रमाणित लेखा-जोख तैयार करना।

 4.जिन दिशाओं में और जिस तारीख से अगले बारह महीनों में देश के राजनीतिज्ञों को लोकहित के लिए कार्य करना चाहिए उनका निर्धारण करना।








6. 19वीं शताब्दी के अंतिम दशक में किन कारणों से उग्र राष्ट्रवाद को प्रोत्साहन मिला।

Answer is
 उत्तर- 1. अकाल का प्लैग - 19वीं शताब्दी के अंतिम वर्षों में भारत के कई भागों में अकाल तथा प्लैग नीतीश सरकार ने इस और कोई ध्यान नहीं दिया इससे लोगों में असंतोष फैला जिससे उग्र राष्ट्रवाद का जन्म हुआ।

2. बंगाल का विभाजन - लार्ड कर्जन 1905 में बंगाल का विभाजन किया इससे जनता में दोष भर गया और वह उग्र राष्ट्रवाद की ओर अग्रसर हुए।

3. धार्मिक और सामाजिक सुधारों का प्रभाव - धार्मिक और सामाजिक सुधारको ने भारतीय जनता में आत्मविश्वास उत्पन्न कर दिया।

4. विदेशी घटनाओं का प्रभाव - सांचौर अमेरिका की साथियों ने भारतीयों को प्रेरणा प्रदान की।

5. ब्रिटिश सरकार की आर्थिक नीति - यूपी सरकार की आर्थिक शोषण की नीति के कारण भारतीय कृषि और उद्योग धंधों को अपार क्षति हुई इस कारण उग्र राष्ट्रवाद का विकास हुआ।





प्रश्न 5.दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Long Answer Type Questions) 




1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना के लिए उत्तरदाई कारणों का विवरण दीजिए।

Answer is उत्तर-
 1. भारतीय जनता में विजय सरकार के विरुद्ध असंतोष एवं घृणा व्याप्त थी और हिंसात्मक विद्रोह की आशंका थी ह्यूम ने यह अनुभव किया कि इस हिंसात्मक विद्रोह को यदि संविधानिक दिशा नहीं दी गई तो देश में क्रांति हो सकती है इसके लिए एक राष्ट्रीय संगठन की आवश्यकता योजना की गवर्नर जनरल लॉर्ड डफरिन के सामने रखा। उसने इस पर अपनी सहमति दे दी।

2. अंग्रेजों ने अपनी सुरक्षा हेतु राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना की ह्यूम नहीं चाहते थे की सरकार के असंतोष से नाराज जनता हिंसा का मार्ग अपनाएं जनता को हिंसा के मार्ग की अपेक्षा वैधानिक मार्ग अपनाने के लिए प्रेरित करना चाहते थे

 3. कांग्रेस के नेताओं ने कांग्रेस की स्थापना में ह्यूम का नेतृत्व स्वीकार किया क्योंकि तत्कालीन परिस्थितियों मे ब्रिटिश सरकार के साथ संघर्ष की स्थिति में नहीं थे व्यवहारिकता इसी में थी कि वे एक मंच तैयार करने में ह्यूम को सहयोग प्रदान करें जहां देश की समस्याओं पर विचार विमर्श हो सके।

4. कांग्रेस की स्थापना के लिए इस समय की राष्ट्रव्यापी हलचले देशभक्ति की भावना विभिन्न वर्गों में व्याप्त बेचैनी ब्रिटेन की उदारवादी पार्टी से भारतीयों को निराशा एवं राजनीतिक संगठनों द्वारा एक केंद्र व्यापी संगठन की आवश्यकता महत्वपूर्ण कारण है इसलिए कुछ विद्वान इसे राष्ट्रीय चेतना की अभिव्यक्ति मानते हैं।






प्रश्न 2. उदारवादी दल की कार्यविधि उग्रराष्ट्रवादी दल की कार्यविधि से किस प्रकार भिन्न थी ? स्पष्ट कीजिए।
Answer is उत्तर- भारतीय स्वतन्त्रता आन्दोलन के इतिहास में सन् 1885 से 1905 का समय उदारवादी युग के नाम से जाना जाता है। इस समय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की बागडोर उदारवादी नेताओं के हाथों में थी। इन नेताओं में दादाभाई नौरोजी, सुरेन्द्र नाथ बनर्जी, फिरोजशाह मेहता, गोपाल कृष्ण गोखले, रासबिहारी बोस, महादेव गोविन्द रानाडे प्रमुख थे। ये नेता उदारवादी राजनीति में विश्वास रखते थे तथा प्रत्येक उद्देश्य को क्रमिक व संवैधानिक तरीकों से प्राप्त करना चाहते थे। उग्रराष्ट्रवादी भारतीय जनमानस आत्मविश्वास, देशभक्ति और साहस की भावना का संचार कर राष्ट्रीय संघर्ष को एक नई दिशा और गति देना चाहते थे। उग्रराष्ट्रवादी ब्रिटिश साम्राज्यवादियों को राजनीतिक अधिकार देने के लिए विवश करना चाहते थे, जबकि उदारवादी प्रार्थना-पत्रों, स्मृति-पत्रों और प्रतिनिधि मण्डलों द्वारा अपने लक्ष्यों को प्राप्त आत्मसम्मान, करना चाहते थे। उनके कार्यक्रम में जन आन्दोलन के लिए कोई भय था कि आन्दोलन के कारण अराजकता स्थान न था।फैल जायेगी।







प्रश्न 3. टिप्पणी लिखिए-
(क) बाल गंगाधर तिलक,,
(ख) विपिन चन्द्र पाल,,
(ग) लाला लाजपत राय।






(क) बाल गंगाधर तिलक, Answer is उत्तर-(क) बाल गंगाधर तिलक-बाल गगाधर तिलक उग्रराष्ट्रवादी राष्ट्रीयता के जनक थे। उनके राजनीतिक विचारों पर उनकी धार्मिक भावनाओ का प्रभाव स्पष्ट रूप से "स्वतन्त्रता एवं न्याय के सिद्धान्तों पर उनका अटूट विश्वास था। मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और उसे में लेकर रहूँगा यह जोशपूर्ण नारा उन्होंने ही दिया था। बाल गगाधर तिलक आजीवन स्वतन्त्रता और स्वराज्य के लिए संघर्ष करते रहे। उन्होंने युवकों को आत्मोत्सर्ग तथा निडर होकर संघर्ष के प्रति परिलक्षित होता है। प्राकृतिक अधिकार, राजनीतिक स्वतन्त्रता। प्रेरित किया।








(ख) विपिन चन्द्र पाल,

Answer is (ख) विपिन चन्द्र पाल-राष्ट्रीयता की उग्रराष्ट्रवादी विचारधारा के अग्रदूत विपिन चन्द्र पाल ओजस्वी वक्ता, कुशल पत्रकार एवं शिक्षा शास्त्री थे। 'न्यू इण्डिया' और 'वन्दे मातरम् पत्रों के माध्यम से उन्होंने अपने विचार प्रकट किये बंगाल विभाजन की घटना ने उन्हें उग्राष्ट्रवादी विचारधारा की तरफ मोड़ा। बंगाल में अभूतपूर्व राष्ट्रीय चेतना के विकास में विपिन चन्द्र पाल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।








(ग) लाला लाजपत राय।

Answer is (ग) लाला लाजपत राय-लाला लाजपतराय ने पंजाब से राजनीति प्रारम्भ की तथा वे वहाँ के अत्यन्त लोकप्रिय और निडर नेता के रूप में आगे आये तत्पश्चात् भारतीय कांग्रेस में.उग्रराष्ट्रवादी नेता के रूप में सर्वमान्य हुए। आगे चलकर लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक और विपिन चन्द्र पाल ने लाल, बाल, पाल के रूप में राष्ट्रीय आन्दोलन को एक नई दिशा दी। लाला लाजपत राय कांग्रेस की उदारवादी विचारधारा एवं कार्यपद्धति के विरोधी थे बंगाल विभाजन का उन्होंने घोर विरोध किया। उनका मानना था कि देश के लिए स्वराज्य परम.आवश्यक है और सुधार अथवा उत्तम-राज्य इसके विकल्प नहीं हो सकते।






4. भारत में राष्ट्रीय जागृति के कारणों को लिखिए।

👇
Answer is उत्तर-
1. राजनीतिक कारण - 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के पूर्व ही ब्रिटिश शासन के संरक्षण में ईस्ट इंडिया कम्पनी ने सम्पूर्ण भारत को अपने अधिकार में कर लिया था। 1857 की घटनाओं के पश्चात् भारत में कम्पनी का राज्य समाप्त हो गया और भारत सीधे ब्रिटिश शासन के अधीन हो गया ब्रिटिश संसद ने 1858 का अधिनियम पारित कर प्रशासकीय परिवर्तन किये परन्तु उससे भारतवासियों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। सन् 1858 में ही महारानी विक्टोरिया ने अपने घोषणा-पत्र में देशी रियासतों के शासकों और भारतीय जनता को आश्वासन दिये थे जिनका आशय यह था कि पूर्व की गलतियों को दोहराया नहीं जायेगा तथा भारतीयों के प्रति भेदभाव का व्यवहार नहीं किया जायेगा परन्तु इस घोषणा-पत्र में उल्लेखित आश्वासनों का सरकार ने कभी पालन नहीं किया।

2. धार्मिक एवं सामाजिक पुनर्जागरण - धार्मिक एवं सामाजिक सुधार आंदोलन ने राष्ट्रवाद के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन सुधार आन्दोलनों के प्रणेता राजनीतिक जागृति के पथ प्रदर्शक बने। इस आन्दोलन ने भारतीयों के हृदव में भारतीय संन्कृति के सम्मान की भावना उत्पन्न ना की। सामाजिक और धार्मिक सुधार आन्दोलन के प्रणेता- राजाराम मोहन राय , स्वामी दयानन्द सरस्वती, रामकृष्ण परमहन्स स्वामी विवेकान्द श्रीमती ऐनीबेसेंट आदि ने भारतीयों में स्वधर्म , स्वदेशी और स्वराज की भावना जागृत
3. पाश्चात्य शिक्षा ,संस्कृति और विचारों का प्रभाव- अंग्रेजी शिक्षा का प्रचार लॉर्ड मैकाले ने भारतीय राष्ट्रीयता को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से किया था वह भारत में अंग्रेजी शिक्षा का प्रचार कर एक ऐसा वर्ग तैयार करना चाहता था







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