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Mp board class 11th History chapter - 1 Class 11th history अध्याय 1 समय के प्रारम्भ से: प्रागैतिहासिक काल

Mp board class 11th History chapter - 1 Class 11th history अध्याय 1 समय के प्रारम्भ से: प्रागैतिहासिक काल

Class 11th history अध्याय 1
समय के प्रारम्भ से: प्रागैतिहासिक काल


Class 11th (ncert) history अध्याय 1 समय के प्रारम्भ से: प्रागैतिहासिक काल

           Class 11th history
समय के प्रारम्भ से: प्रागैतिहासिक काल



वस्तुनिष्ठ प्रश्न
( 1 अंक वाले प्रश्न )


प्रश्न 1. आदिमानव के इतिहास की जानकारी के प्रमुख स्त्रोत क्या हैं ?
Answer - 1. जीवाश्म 


प्रश्न 2. "ऑन दी ऑरिजन ऑफ स्पीशीज" नामक पुस्तक के लेखक कौन हैं ?
Answer  -  चाल्स डार्विन


प्रश्न 3. होमिनिड प्राणी कब अस्तित्व में आया ?
Answer  - 56 लाख वर्ष पूर्व


प्रश्न 4. 'होमो' किस भाषा का शब्द है ?
Answer  - लैटिन


प्रश्न 5. सीधे खड़े होकर चलने वाले पहले मानव कौन थे ?
Answer  - होमो एरेक्टस


प्रश्न 6. निम्न में से कौन औजार बनाने वाले पहले मानव थे. ?
Answer  - होमो हैबिलिस,


प्रश्न 7. होमो हैबिलिस मानव का काल क्या था ?
Ans - 22 लाख वर्ष पूर्व


प्रश्न 8. होमो एरेक्टस मानव का काल क्या था ?
Ans - 8 लाख वर्ष पूर्व


प्रश्न 9. चिन्तनशील या प्रज्ञावान मानव किसे कहा जाता है ?
Ans - होमो सैंपियन्स


प्रश्न 10. होमो एरेक्टस के प्राचीनतम जीवाश्म कहाँ से प्राप्त हुए हैं ?
Ans -  अफ्रीका और एशिया से


प्रश्न 11. सिलाई वाली सुई का पहला साक्ष्य कितना पुराना है ?
Ans - 21,000 वर्ष पूर्व


प्रश्न 12. होमो सैपियन्स का अर्थ क्या है ?
Ans -  बुद्धिमान मानव


प्रश्न 13. मानव उत्पत्ति सम्बन्धी प्रतिस्थापन माडल के अनुसार मानव का उदभव एक ही स्थान पर हुआ, वह स्थान कौन-सा है ?
Ans - अफ्रीका


प्रश्न 14. मानव में स्वर तन्त्र का विकास कब हुआ माना जाता है ?
Ans - 2 लाख वर्ष पूर्व,


प्रश्न 15. आल्टामीरा गुफा कहाँ स्थित है ?
Ans - स्पेन


प्रश्न 16. होमो हैबिलिस मानव की उत्पत्ति कितने वर्ष पूर्व हुई थी।
Ans - 22 लाख


प्रश्न 17. कौन से मानव दो पैरों के चलते थे, इनके हाथों में विशेष क्षमता थी, जिससे ये औजार बनाते थे।
उत्तर-होमोनिड


प्रश्न 18. होमोनिड का उदभव कौन से देश में हुआ था ।
उत्तर-अफ्रीका


प्रश्न 19. आस्ट्रेलोपिथिक्स मानव का काल लगभग कितने वर्ष पूर्व माना जाता है।
उत्तर-56 लाख


प्रश्न 20. आधुनिक मानव किस प्रजाति से है।
उत्तर-होमो सैपियन्स,


प्रश्न 21. प्रागैतिहासिक काल को कितने भागों में बांटा गया है
उत्तर - तीन भागों-पुरा पाषाण काल, मध्य पाषाण काल और  नव पाषाण काल विभाजित है।


प्रश्न 22. अग्नि का आविष्कार किस काल में हुआ था।
उत्तर-पुरापाषाण


प्रश्न 23. पहिए का आविष्कार किस काल में हुआ था।
उत्तर-नवपाषाण


प्रश्न 24. मानव ने कृषि का आरंभ किस काल में किया था।
उत्तर-21,000.


प्रश्न 25.  किसने यह प्रमाणित किया कि मानव बहुत समय पहले जानवरों से ही क्रमिक रूप में विकसित होकर अपनी वर्तमान स्थिति में आया है।
उत्तर - चार्ल्स डार्विन


प्रश्न 26. भौतिकी के अनुसार, सभी जीवित वस्तुओं में एक प्रकार का रेडियोधर्मी कार्बन होता है, जिसे क्या कहते हैं। 
उत्तर-'कार्बन-14' 


प्रश्न 27. सर्वप्रथम जीवन का प्रारम्भ जल में एककोशिकीय जीव के रूप में हुआ।


प्रश्न 28. होमिनिड के सबसे प्राचीन जीवाश्म कहाँ पाये गए हैं।
उत्तर - एशिया मे 


प्रश्न 29. पृथ्वी पर मानव के समान प्राणी कब अस्तित्व में आए ?
उत्तर-56 लाख वर्ष पूर्व ।


प्रश्न 30. सबसे प्राचीन होमोनिड जीवाश्म कहाँ पाए गए
उत्तर-पूर्वी अफ्रीका में।


प्रश्न 31. होमो सैपियन्स का क्या अर्थ है ?
उत्तर-बुद्धिमान मानव।


प्रश्न 32. हाइडल ब्गेसिस प्रजाति के मानव के जीवाश्म किस देश में पाए गए हैं?
उत्तर-जर्मनी।


प्रश्न 33. निअंडरथलैंसिस प्रजाति के मानव के जीवाश्म किस देश में पाए गए हैं ?
उत्तर-जर्मनी।


प्रश्न 34. क्रोमैगनन प्रजाति के मानव के जीवाश्म किस देश में पाए गए हैं ?
उत्तर-फ्रांस ।


प्रश्न 35. पत्थर के औजार सबसे पहले किस प्रजाति के मानव ने बनाये थे ?
उत्तर - ऑस्ट्रेलोपिथिकस प्रजाति के मानव ने।


प्रश्न 36. मानव द्वारा अग्नि की खोज किस काल में की गई थी ?
उत्तर-पुरापाषाण काल में।


प्रश्न 37. मानव द्वारा पहिए का आविष्कार किस काल में किया गया था ?
उत्तर-नव पाषाण काल में।


प्रश्न 38. मानव ने पशुपालन करना किस काल में सीखा ?
उत्तर-नव पाषाण काल में।


प्रश्न 39. किस काल के लोगों ने मिट्टी के बर्तन बनाना प्रारंभ किया ?
उत्तर-नव पाषाण काल के लोगों ने।


प्रश्न 40 . बस्तियों का विकास किस काल में हुआ है।
उत्तर-नव पापाण काल में।



 लघु उत्तरीय प्रश्न ( 2 अंक वाले प्रश्न )




प्रश्न 1. प्रागैतिहासिक काल का क्या अर्थ है ?
उत्तर-मानव समाज के इतिहास का वह काल, जिसके विषय में कोई लिखित विवरण या लिपिवद्ध सामग्री नहीं मिलती है, 'प्रागैतिहासिक काल' कहलाता है।



प्रश्न 2. कार्बन-14 विधि क्या है ?
उत्तर-भौतिकी के अनुसार, सभी जीवित वस्तुओं में एक प्रकार का रेडियोधर्मी कार्बन होता है, जिसे 'कार्बन-14' कहते हैं। किसी भी वस्तु में निहित कार्बन- 14 की मात्रा का पता लगाकर वस्तु की प्राचीनता ज्ञात की जाती है। इस प्रणाली को कार्बन-14 विधि कहते हैं।



प्रश्न 3. प्रारम्भिक मानव के इतिहास को समझने के लिए कौन-कौन से साधन है? 
उत्तर-प्रारम्भिक मानव के इतिहास की जानकारी का प्रमुख स्त्रोत 'पुरातत्व' है। पुरातत्व से अनेक प्रागैतिहासिक सामग्री प्रकाश में आयी है; जैसे-जीवाश्म, औजार व हथियार,अस्थियाँ (कंकाल), चित्रकला के नमूने, मूर्तियाँ, मिट्टी के बर्तन और मुहरों आदि के अवशेष मिले हैं। इन अवशेषों से प्रारम्भिक मानव के जीवज की जानकारी प्राप्त होती है।



प्रश्न 4. जीवाश्म क्या है ?
उत्तर-पृथ्वी पर किसी समय जीवित रहने वाले अत्यन्त प्राचीन जीवों, मानवों एवं वनस्पतियों आदि के अवशेषों या उनके द्वारा छोड़ी गई छापों को जो पृथ्वी की सतहों या चट्टानों की परतों में सुरक्षित पाये जाते हैं, उन्हें जीवाश्म कहते हैं । जीवाश्म से कार्बनिक विकास का प्रत्यक्ष प्रमाण प्राप्त होता है।



प्रश्न 5. पुरातत्वविद् के कार्य क्या हैं ?
उत्तर-पुरातत्वविदों ने इतिहासकारों को हमारे पूर्वजों के सम्पूर्ण सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास-लेखन के लिए महत्वपूर्ण सामग्रियाँ प्रदान की हैं। पुरातत्वविद् उत्खनन के माध्यम से प्राचीनतम वस्तुओं/सामग्री को ढूँढ़ निकालते हैं और उन वस्तुओं/सामग्री की प्राचीनता अर्थात् तिथि निर्धारित करने के लिए विभिन्न तरीके प्रयोग में लाते हैं।



प्रश्न 6. 'प्रजाति' (स्पीशीज) से आपका क्या तात्पर्य है ?
उत्तर-प्रजाति (स्पीशीज), जीवों का ऐसा समूह होता है, जिसके नर व मादा मिलकर बच्चे पैदा कर सकते हैं और उनके बच्चे प्रजनन में समर्थ होते हैं। एक प्रजाति के सदस्य दूसरी प्रजाति के सदस्यों से संभोग करके बच्चे पैदा नहीं कर सकते हैं ।



प्रश्न 7. प्राइमेट' से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-प्राइमेट स्तनपायी प्राणियों के एक बड़े समूह का उपसमूह है, जिसके अन्तर्गत वानरों, लंगूरों, वनमानुषों तथा इनके स्तनधारी जीवों को शामिल किया जाता है। हम आधुनिक मानवों का विकास प्राइमेट्स से ही हुआ है।



प्रश्न 8. होमिनॉइड' किसे कहते हैं ? इसके अन्तर्गत कौन-से जीव सम्मिलित थे ?
उत्तर-'होमिनॉइड' प्राइमेट श्रेणी का एक उप- समूह है। इसके अन्तर्गत वानर अर्थात् एप (ape) शामिल थे होमिनॉइड बन्दरों की तरह दिखने वाला, परन्तु कई अर्थों में बन्दरों से भिन्न होता है, इसका शरीर बन्दरों से बड़ा होता है और इसके पूँछ नहीं होती है।



प्रश्न 9. 'होमो सैपियन्स' से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-'होमो सैपियन्स' एक लैटिन शब्द है, जिसका अर्थ है-'बुद्धिमान मानव'। होमो सैपियन्स, अर्थात् बुद्धिमान मानव ने अग्नि का प्रयोग करना, बोलना, जानवरों की खालों का वस्त्रों के समान प्रयोग करना व घर बनाना भी सीख लिया था। यह मानव अच्छे औजारों का प्रयोग करता था तथा उसकी चित्रकला में भी रुचि थी।



प्रश्न 11. जीनस' से आप क्या समझते हैं ?
उत्तर-होमिनिड की विभाजित शाखाओं को 'जीनस' कहा जाता है। हिन्दी में 'जीनस' शब्द का प्रयोग प्राणियों के वंश के संदर्भ में किया जाता है।



प्रश्न 12. प्रागैतिहासिक काल का क्या अर्थ है ? इसकी जानकारी के प्रमुख साधन कौन-से हैं ? लिखिए ।
उत्तर-प्रागैतिहासिक काल-मानव की प्रगति की कहानी के उस भाग को 'इतिहास कहते हैं, जिसके लिखित वर्णन प्राप्त होते हैं। किन्तु लिखना सीखने से पहले भी मानव इस पृथ्वी पर लाखों वर्ष रह चुका था, जिसका मानव कोई लिखित वर्णन नहीं रख सका वह  काल 'प्राक्-इतिहास' अथवा 'प्रागैतिहासिक काल' कहलाता है।



प्रश्न 13. होमोनिड मानव की विशेषताएँ क्या हैं ?
उत्तर होमोनिड मानव लगभग 56 लाख वर्ष पूर्व अस्तित्व में आया था, जिसके सबसे प्राचीन जीवाश्म पूर्वी अफ्रीका में पाये गए हैं होमोनिड मानव की प्रमुख विशेषताएँ निम्नांकित हैं-
(1) होमोनिड समूह के प्राणियों के मस्तिष्क का आकार बड़ा होता था।
(2) होमोनिड मानव में पैरों के बल सीधे खड़े होने की शक्ति थी।
(3) होमोनिड मानव दो पैरों के बल चलते थे।
(4) होमोनिड मानव के हाथों में विशेष क्षमता होती थी, जिससे वे औजार व हथियार बना सकते थे और चला भी सकते थे।



 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न ( 4 अंक वाले प्रश्न )



प्रश्न 1. ऑस्ट्रेलोपिथिकस और होमो के मध्य क्या अन्तर है ? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर ऑस्ट्रेलोपिथिकस और होमो मानव के मध्य अन्तर उनके निम्नांकित शारीरिक अंगों से स्पष्ट होता है-
(1) मस्तिष्क का आकार, (2) जबड़े, (3) दाँत और (4) हाथों को बनावट।
होमो प्रजाति के मानव का मस्तिष्क ऑस्ट्रेलोपिथिकस की अपेक्षा छोटा होता था, इनके जबड़े भी हल्के होते थे तथा दाँत छोटे आकार के होते थे। होमो मानव अपने हाथों की विशिष्ट बनावट का अच्छा उपयोग कर लेते थे, जबकि आस्ट्रेलोपिथिकस मानव के हाथों की दक्षता सीमित थी। इसके अतिरिक्त, होमो मानव में अपने पैरों के बल पर सीधे खड़े होकर चलने की क्षमता अधिक थी, जबकी ऑस्ट्रेलोपिथिकस में सीधे खड़े होकर चलने की क्षमता अधिक नहीं थी। होमो के मष्तिष्क में परिवर्तन का कारण अधिक बुद्धिमत्ता और बेहतर याददारत थी।



प्रश्न 2. होमो से आपका क्या तात्पर्य है ? इसकी प्रजातियों को कैसे विभाजित किया गया है ?
उत्तर- 'होमो' लैटिन भाषा का एक शब्द है, जिसका अर्थ है-'मानव'। यह शब्द स्त्री व पुरुष दोनों के लिए प्रयुक्त किया जाता है वैज्ञानिकों ने होमो प्रजाति को उनकी विशेषताओंके आधार पर अलग- अलग नाम देकर वर्गीकृत किया है, जिनका वर्णन निम्नांकित है-
(अ) होमो हैबिलिस औजार बनाने वाले मानव।

(ब) होमो एरेक्टस-सीधे खड़े होकर पैरों के बल चलने वाले मानव।

(स) होमो सैपियन्स-चिन्तनशील या प्रज्ञावान मानव अर्थात् आधुनिक मानव।



प्रश्न 3. प्रागेतिहासिक मानव की किन्हीं दो प्रजातियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर-प्रागैतिहासिक मानव की दो प्रमुख प्रजातियों का बर्णन निम्नांकित है-
(1) निअण्डरथल मानव-जर्मनी के निअण्डरथल नामक स्थान पर 1856 ई। इस मानव प्रजाति के अवशेष मिले, इसलिए इसे 'निअण्डरथल मानव' के नाम से जाना
हैं। इस प्रजाति के मानव की नाक लम्बी व चपटी, जबड़ा विशाल और माथा आगे को हुआ था। इसकी टॉँगे छोटी व कन्धे चौड़े थे। यह मानव औजारों का प्रयोग करता था त
शवों को दफनाता था।

( 2 ) क्रोमैग्नन मानव-इस प्रजाति के लोगों के अवशेष फ्रांस के क्रोमैग्नन नामा स्थान से प्राप्त हुए हैं। यह होमो सैपियन्स जाति का ही मानव था। इस प्रजाति के लोग ले होते थे। इनका माथा बड़ा तथा नाक पतली होती थी। यह मानव अच्छे औजारों का प्रयोग करता तथा उसकी चित्रकला में भी रुचि थी।



प्रश्न 4. लघु अश्म' क्या हैं ? यह किस काल में प्रचलन में आए ?
उत्तर- लघुअश्म छोटे औजारों को कहा जाता है। लघु अश्म मध्य पाषाण का में प्रचलन में आए थे। उत्खनन के माध्यम से अनेक स्थानों से मध्य पाषाण काल के ब्लेड प्वाइण्ट स्क्रेपर, इन्ग्रेवर, ट्रायंगल एवं क्रेसेण्ट नामक पत्थर के औजार प्राप्त हुए हैं ये औजर जेस्पर फिलिट, चर्ट एवं कल्सेडानी नामक विशेष पत्थरों से निर्मित किए गए थे। इन औजारों
अनेक औजार एक से दो इंच तक के निर्मित किए गए थे, जिनमें लकड़ी के हैडिल भी लगाए जाते थे इन्हीं छोटे औजारों को लघु अश्म कहा जाता है।



प्रश्न 5. का्बन-14 विधि क्या है ? इतिहासकारों के लिए यह किस प्रकार उपयोगी है।
उत्तर-सभी सरजीव वस्तुओं में एक प्रकार का रेडियोधर्मी कार्बन होता है, जिसे कार्बन-14 कहते हैं। रेडियोधम्मो पदार्थ वे पदार्थं होते हैं जिनमें से एक निश्चित दर से बहुत छोटे-छोटे कण मिलते हैं। जब मनुष्य, पशु और पौधे जिन्दा होते हैं, तब वे जिस मात्रा वायुमण्डल से कार्बन- 14 लेते हैं, उसी मात्रा में रेडियोधर्मिता के कारण उसे खो देते हैं। जब कोई चीज मर जाती है तब वह वायुमण्डल से नया कार्बन- 14 नहीं लेती यद्यप वह उसे एक निश्चित दर पर खोती रहती है। किसी भी वस्तु में निहित कार्बन-14 की मात्रा का पता लगा भौतिक शास्त्री हमें यह बता सकते हैं कि मोटे तौर पर यह वस्तु कितनी पुरानी है। किसी वस्तु की तिथि को निर्धारित करने की इस प्रणाली को कार्बन-14 तिथि निर्धारण प्रणाली कहते हैं।



प्रश्न 6. पुरा-पाषाणकालीन मानव के रहन-सहन और खान-पान पर प्रकाश डालिए।
उत्तर-रहन सहन-पुरा-पापाणकालीन गानव के समक्ष निवास की समस्या जटिल थी उसे सद्दी, गर्मी, वर्षा, वाढ़, तुफान तथा हिंसक पशुओं से बड़ा डर लगता इनसे बचने के लिए वह पहले वृक्षों की शाखाओं पर रहा करता था, बाद में वह गुफाओ मे  रहने लगा। इस काल के मानव का कोई निश्चित निवास नहीं था जहाँ पर उसे सुरक्षा मिलती थी. वह बही रह जाता था।



प्रश्न 7. आल्टामीरा की गुफा कहाँ स्थित है और इसकी क्या विशेषताएँ हैं ?
उत्तर-आल्टामीरा की गुफा उत्तरी स्पेन में स्थित है । यह गुफा प्रागैतिहासिक चित्रकला के लिए जानी जाती है। आल्टामीरा की गुफा की छत पर बनी चित्रकारी की खोज का श्रेय डान मार्सेलिनो डी सअतुओला को जाता है। मार्सेलिनो ने चित्रों का गहन अध्ययन करके यह स्पष्ट किया कि ये चित्र पुरापाषाणकालीन मानव द्वारा बनाए गए थे (विद्वानों का मानना है कि ये चित्र 30,000 से 12,000 वर्ष पहले बनाए गए होंगे) गुफा की भीतरी दीवारों पर बनाए गए । चित्रों में गौरों (जंगली बैल), घोड़ों, साकिन (बकरों), हिरन, भालू, गैंडे, तेंदुए, शेर और उल्लू आदि के चित्र प्रमुख हैं। इन चित्रों में भूरे, पीले, लाल और काले रंगों का प्रयोग किया गया है।



प्रश्न 8. आदिमानव के भोजन प्राप्त करने के तरीकों का विवरण दीजिए।
उत्तर-पुरा-पाषाण काल में आदि मानव को कृषि का ज्ञान नहीं था वह भोजन की खोज में इधर-उधर घूमता रहता था। आदिकालीन मानव के भोजन प्राप्ति के तरीके बदलते
रहते हैं। माना जाता है कि आदिकालीन मानव कई प्रकार से अपना भोजन जुटाते थे, जिनका वर्णन निम्नांकित है-

(1) संग्रहण-संग्रहण से तात्पर्य इधर-उधर फैले हुए खाद्य पदार्थों को तलाश कर इकट्ठा करने से है। इस सम्बन्ध में विद्वानों का अनुमान है कि आदिकालीन मानव पेड-पौधों से
मिलने वाले खाद्य-पदार्थो; जैसे-फल, बीज, दाने, बेर, गुठलियों और कन्द-मूल, फल आदि को संग्रहित कर खाते थे।
(2) अपमार्जन-विद्वानों का मानना है कि आदिकालीन मानव अपमार्जन (त्यागी हुई वस्तुओं) से अपना भोजन जुटाते थे । आदिकालीन होमोनिड मानव अपने भोजन के लिए
उन जानवरों की लाशों से मौस खुरचकर निकाल लेते थे, जो जानवर स्वयं मर जाते थे या किसी हिंसक जानवर द्वारा मार दिए जाते थे। ऐसा भी माना जाता है कि होमोनिड मानव छोटे स्तनपायी जीवों; जैसे-चूहे, छछूंदर, पक्षियों, पक्षियों के अण्डों, सरीसृपों (रेंगने वाले जोव) और कीड़े-मकोड़ों को खाकर अपनी भूख मिटाते थे।

(3) शिकार-पुरा-पाषाण काल का मानव कालान्तर में शिकार करना भी सोख गया था। शिकार करके पेट भरने का तरीका सम्भवत: 5 लाख वर्ष पहले अपनाया गया आदिमानव योजनाबद्ध तरीके से बड़े-बड़े स्तनपायी जानवरों का शिकार करने लगा था। 

(4) मछली पकड़ना-पुरा-पाषाण काल में मछली पकड़ना भी भोजन प्राप्त करने का माध्यम था। अनेक खोज स्थलों में मछली की हड्ियों का प्राप्त होना इस बात का प्रमाण है कि
भोजन प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण तरीका मछली पकड़ना भी था।



प्रश्न 9. नव-पाषाण काल के मानव जीवन की प्रमुख विशेषताएँ बताइए।
उत्तर-नव-पाषाण काल के मानव जीवन की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित थी
(1) औजार-नवीन पाषाण युग के औजार प्राचीन पाषाण युग के औजारों की अपेक्षा अच्छे थे। इस युग के आते-आते मानव ने अपने औजारों को घिसकर चिकना व तेज करना
सीख लिया था। वह उन पर एक प्रकार की पॉलिश भी करने लगा था। इस युग का महत्त्वपूर्ण औजार पत्थर की चिकनी कुल्हाड़ी थी। इसके अतिरिक्त हैंसिया, तीर-कमान आदि औजार भी थे।

(2) कृषि-इस युग का मानव कृषि करने लगा था। इस काल
जी, मदका, बाजरा, फल, शाक तथा कपास थी। इस काल के मानव ने हल का भी आविष्कार कर लिया था।
मुख्य फसलें गेहूँ,

(3) पशुपालन-इस काल में मानव पशुओं को पालने लगा था। वह गाय, बैल, भेंस, भेड़, बकरी तथा अन्य अनेक पशुओं को पालने लगा था।

(4) भोजन-इस काल में मानव का मुख्य भोजन माँस, फल-फूल, अनाज तथा दूध था।  गेहु, जौ, बाजरा आदि का प्रयोग भोजन में किया जाता था। इस काल में मनुष्य ने अनाज पीसने के लिये पत्थर के ट्कड़ों का प्रयोग करना भी सीख लिया था।

(5) बस्तियों का विकास-इस काल का मानव एक निश्चित स्थान पर रहने लगा था। वह झोपड़ियाँ बनाकर एक साथ एक ही स्थान पर रहने लगा। इस प्रकार बस्तियों (गाँवों)
का विकास हुआ

(6) वस्त्र- इस काल के मनुष्यों ने खालों तथा पौधों के रेशों से वस्त्र बनाना सीख लिया था। मनुष्य कपास की खेती भी करने लगा था। उसने सूत कातना भी सीख लिया था।

(7) मिट्टी के बर्तन बनाना-नवीन पाषाण युग के मानव ने मिट्टी के बर्तन बनाना सीख लिया था। पहले वह हाथ से बर्तन बनाता था, किन्तु बाद में उसने चाक का आविष्कार कर
लिया। वह बर्तनों को आग में पकाने लगा था।

(8) मृतक क्रिया-इस काल में मनुष्य मृतकों को दफनाने लगा था। वह उनको जलाने लगा। कहीं-कहीं पर मृतक बड़े-बड़े बर्तनों में रखकर दफनाये जाते थे।

(9) सामुदायिक जीवन-इस युग में परिवार नामक संस्था का जन्म हुआ। लोग अब एक ही स्थान पर पति-पत्नी, भाई-बहन, पड़ोसी के रूप में सामूहिक रूप से रहने लगे ।

(10) पहिये का आविष्कार-पहिये का आविष्कार इस काल के मानव की महान देन है। सबसे पहले मिट्टी के बर्तन बनाने के लिये चाक का आविष्कार किया। इसके बाद गाड़ी
खींचने के लिये पहिये का प्रयोग होने लगा। पहले पेड़ों के गोल तनों को काटकर उन्हें ढकेल कर वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाता था वाद में पहियेदार गाड़ी का भी निर्माण होने लगा।

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