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Class 11th chemistry chapter - 2 [Atomic Structure]

Class 11th chemistry chapter - 2 [Atomic Structure]


    अध्याय -2 परमाणु की संरचना[Atomic Structure]


 class 11th chemistery


वस्तुनिष्ठ प्रश्न


 बहु-विकल्पीय प्रश्न


1. डी-ब्रॉग्ली समीकरण है-
(i) A = h/m
(ii) A = h/c
(iii) 2 = h/mc
(iv) 2 = mc/h.

2. क्रिप्टॉन के सबसे बाहरी चक्र में अधिकतम इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं-
(i) 4
(ii) 2
(iii) 6
(iv) 8.

3. परमाणु कक्षकों के भरने का क्रम बढ़ती हुई ऊर्जा के अनुसार होता है। यह नियम कहलाता है-
(i) हुण्ड का नियम,
(ii) ऑफबाउ सिद्धान्त,
(iii) अपवर्जन सिद्धान्त,
(iv) डी-ब्रॉग्ली नियम।

4. समस्थानिकों में संख्या समान होती है-
(i) प्रोटॉन
(ii) प्रोटोन तथा न्यूट्रॉन
(iii) न्यूट्रॉन
(iv) न्यूक्लिऑन।

5. Cr³+आयन में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या है-
(i) 6
(ii) 4
(iii) 3
(iv) 1.

6. न्यूट्रॉन की खोज करने वाला वैज्ञानिक था-
(i) रदरफोर्ड
(ii) चैडविक
(iii) नील्स बोर
(iv) डाल्टन।


7. 6.0 ग्राम की टेनिस बाल 10 मीटर प्रति सेकण्ड की गति से घुम रही है। इसकी डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य होगी-
(i) 10-³² मीटर
(ii) 10-³¹ मीटर
(iii) 10-¹⁶मीटर
(iv) 10-²⁵ मीटर।

8. निम्नलिखित में से किसमें अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या सर्वाधिक है ?
(i) V (23)
(ii) Fe (26)
(iii) Cr (24)
(iv) Ti (22).

9. किसी परमाण्वीय नाभिक के घटक हैं-
(i) प्रोटॉन एवं इलेक्ट्रॉन
(ii) प्रोटॉन, न्यूट्रॉन एवं इलेक्ट्रॉन
(iii) न्यूट्रॉन एवं प्रोटॉन
(iv) न्यूट्रॉन एवं इलेक्ट्रॉन।

10. परमाणु नाभिक में स्थित प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉन सामूहिक रूप से कहलाते हैं-
(i) ड्यूट्रॉन
(ii) पॉजीट्रॉन
(iii) मीसॉन
(iv) न्यूक्लिऑन।

11. Cl- आयन में इलेक्ट्रॉनों की संख्या होती है -
(i)17
(ii) 18
(iii) 19
(iv) 20.

12. किसी तत्व का परमाणु क्रमांक 18 तथा परमाणु भार 40 है। तत्व के परमाणु के नाभिक में न्यूट्रॉनों की संख्या होगी-
(i) 18
(ii) 58
(iii) 40
(iv) 22.

13. सोडियम आयन (Na+) में इलेक्ट्रॉनों की संख्या होगी-
(i) 11
(ii) 10
(iii) 12
(iv) 23.

14. एक उपकोश के लिये 'l' का मान 2 है । उसमें कुल इलेक्ट्रॉनों की संख्या होगी-
(i) 2
(ii) 6
(iii) 10
(iv) 14.

15. ₃₅Br⁸⁰ में न्यूट्रॉनों की संख्या है-
(i) 45
(ii) 115
(iii) 80
(iv) 35.


Ans - 
1.(iii) 2 = h/mc,
2.(iv) 8,
3.(ii) ऑफबाउ सिद्धान्त,
4.(i) प्रोटॉन,
5.(iii) 3,
6.(ii) चैडविक,
7.(i) 10-³² मीटर,
8.(iii) Cr (24),
9.(iii) न्यूट्रॉन एवं प्रोटॉन,
10.(iv) न्यूक्लिऑन,
11.(ii) 18,
12.(iv) 22,
13.(ii) 10,
14.(iii) 10,
16 (i) 45,


प्रश्न 1. क्वाण्टम अंक से आप क्या समझते हो ? ये कितने प्रकार के होते हैं )
उत्तर-परमाणु में इलेक्ट्रॉन की वास्तविक स्थिति दर्शाने वाले अंक क्वाण्टम अंक कहलाते हैं। क्वाण्टम अंक चार प्रकार के होते हैं-
(i) मुख्य क्वाण्टम अंक
(ii) द्विगंशी क्वाण्टम अंक
(ii) चुम्बकीय क्वाण्टम अंक
(iv) चक्रण क्वाण्टम अंक।

क्वाण्टम संख्याएँ चार प्रकार की होती हैं-

(1) मुख्य क्वाण्टम संख्या (Principal Quantum Number)-इसे n से प्रदर्शित करते हैं। यह इलेक्ट्रॉन के मुख्य कोश (ऊर्जा स्तर) को प्रकट करती है । इससे किसी दिये हुए इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा तथा नाभिक से दूरी प्रकट होती है। इसका मान 1, 2, 3, 4.............. है। मुख्य क्वाण्टम संख्या में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या 2n²होती है।

(2) दिगंशी क्वाण्टम संख्या (Azimuthal Quantum Number)-इसे l से प्रदाशित करते हैं। इससे इलेक्ट्रॉन के कोणीय संवेग का निर्धारण और आकृति का ज्ञान होता है। l के मान मुख्य क्वाण्टम संख्या (n) पर नि्भर करते हैं तथा प्रत्येक n के लिये, l के मान 0 से लेकर n-1 तक होते हैं, जो क्रमश: s, p, d , f उपकोश को प्रदर्शित करते हैं।

(3) चुंबकीय क्वांटम संख्या (magnetic quantum number) -  इसे एम से प्रदर्शित करते हैं यह अक्षर विन्यास को दर्शाते हैं इससे किसी  उपकोष में उपस्थित  ऑर्बिटल की संख्या का ज्ञान होता है

(4) चक्रण क्वाण्टम संख्या (Spin Quantum Number)-इसे 5 से प्रदर्शित करते हैं। यह इलेक्ट्रॉन के चक्रण को व्यक्त करता है। इलेक्ट्रॉन अपनी अक्ष पर दक्षिणावर्त वामावर्त चक्रण करता हुआ नाभिक के चारों ओर घूमता है। s के दो मान सम्भव हैं + ½ या -½ इनका चित्रण तीर के चिह्न द्वारा व्यक्त किया जाता है।

प्रश्न 2. हाइजेनबर्ग के अनिश्चितता सिद्धान्त पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए ।
अथवा
हाडजेनबर्ग का अनिश्चितता सिद्धान्त क्या है ? इसका गणितीय व्यंजक स्थापित कीजिए।
उत्तर-सन् 1927 में हाइजेनबर्ग ने इलेक्ट्रॉन की तरंग प्रकृति के कारण परमाणु संरचना के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण सिद्धान्त प्रतिपादित किया। जिसके अनुसार, "एक ही क्षण
पर किसी गतिशील सूक्ष्मकण की सही स्थिति और संवेग का मापन एक साथ करना सम्भव नहीं है।"
यदि Δx इलेक्ट्रॉन (सूक्ष्मकण) की स्थिति के मापन की अनिश्चितता तथा Δp संवेग के मापन की अनिश्चितता है, तो इनका गुणनफल h/4π के बराबर या उससे कुछ अधिक
होता है, अर्थात्

Δx.Δp > h/4π

इस प्रकार, यदि किसी एक का मापन येथार्थ किया जाए तो दूसरे की अनिश्चतता बढ़ जायेगी।

प्रश्न 3. पाउली का अपवर्जन सिद्धान्त क्या है ? इसके अनुप्रयोग लिखिए।
उत्तर-पाउली के अनुसार- "किसी भी परमाणु में उसके किन्हीं भी दो इलेक्ट्रॉनों की चारों क्वाण्टम संख्याओं के मान एक समान होना असम्भव है ।"  अर्थात् किसी भी परमाणु
में कोई भी दो इलेक्ट्रॉन ऐसे नहीं हो सकते जिनकी चारों क्वाण्टम संख्याएँ एक समान हों।

अनुप्रयोग-(1) परमाणु के विभिन्न मुख्य ऊर्जा स्तरों, उप-ऊर्जा स्तरों में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या और विभिन्न इलेक्ट्रॉनों की क्वांटम संख्याओं की गणना कर सकते हैं ।

(2) किसी मुख्य ऊर्जा स्तर में इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम संख्या 21 3 हो सकती है।

(3) किसी भी कक्षक में विपरीत चक्रण वाले अधिकतम दो इलेक्ट्रॉन पाये जा सकते हैं।

(4) s में 2, p में 6, d में 10, f में 14 इलेक्ट्रॉन हो सकते हैं ।
(5) किसी मुख्य ऊर्जा स्तर में कुल n² ऑर्बिटल होते हैं।

प्रश्न 4. ऐनोड किरणों के गुण लिखिए ।
उत्तर-गुण-(1) ये किरणें सीधी रेखा में गमन करती हैं।
 (2) मार्ग में रखे क्षेपणी पहिये को घुमा देती हैं। 
(3) ये किरणें विद्युत् क्षेत्र में ऋण आवेशित प्लेट की ओर मुड़ जाती हैं।
(4) ऐनोड किरणों का वेग कैथोड किरणों से कम होता है। (5) ये किरणें धन आवेशित कणों से मिलकर बनी होती हैं। (6) चुम्बकीय क्षेत्र में किरणें विक्षेपित हो जाती हैं।
 (7) इनका आवेश द्रव्यमान अनुपात गैस पर निर्भर करता है।

प्रश्न 5. हुण्ड का नियम लिखिए एवं एक उदाहरण दीजिए।
अथवा
हुण्ड का अधिकतम बहुलता का नियम उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर-हुण्ड के अनुसार, किसी भी उपकक्ष के कक्षकों में इलेक्ट्रॉन जोड़े तब तक नहीं बनते हैं जब तक कि प्रत्येक कक्षक में एक इलेक्ट्रॉन नहीं हो जाता अर्थात् उपकक्ष के कक्षकों में प्रथम बार एक-एक इलेक्ट्रॉन भरते हैं उसके पश्चात् ही जोड़े बनाना प्रारम्भ करते हैं। सभी अकेले इलेक्ट्रॉनों का चक्रण एक ही दिशा में होता है। 

प्रश्न 6. ऑफबाऊ (Aufbau) सिद्धान्त क्या है ? उदाहरण सहित समझाइए ।
उत्तर-Aufbau एक जर्मन शब्द है जिसका अर्थ है बनाना या रचना करना। इस नियम के अनुसार
किसी बहु-इलेक्ट्रॉन वाले परमाणु के इलेक्ट्रॉन, बढ़ती हुई ऊर्जा अथवा घटते हुए स्थायित्व के क्रम से ऑर्बिटलों में भरते हैं अर्थात् इलेक्ट्रॉन पहले सबसे कम ऊर्जा वाले ऑर्बिटल में जाते हैं और फिर उपयुक्त उच्च ऊर्जा स्तर के ऑर्बिटल में चले जाते हैं।

विभिन्न ऑर्बिटल की ऊर्जा बढ़ते हुए क्रम में निम्न प्रकार होती है-
1s < 2s < 2p < 3s < 3p < 4s < 3d < 4p < 5s < 4d < 5p < 6s < 4f < 5d< 6p< 7s < 5f < 6d < 7p <

प्रश्न 7. कक्ष (orbit) एवं कक्षक (0rbital) में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर- 

प्रश्न 8. समस्थानिक एवं समभारिक से आप क्या समझते हो ? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर-समस्थानिक-एक ही तत्व के वे परमाणु जिनकी द्रव्यमान संख्या भिन्न होती हैं, समस्थानिक कहलाते हैं। इस प्रकार के तत्वों (समस्थानिकों) के परमाणु क्रमांक, इलेक्ट्रॉन,
प्रोटॉन संख्या तथा रासायनिक गुण समान होते हैं तथा द्रव्यमान संख्या, न्यूट्रॉन संख्या तथा भौतिक गुण भिन्न होते हैं; जैसे-हाइड्रोजन के तीन तथा क्लोरीन के दो समस्थानिक ज्ञात हैं।

समभारिक-विभिन्न तत्वों के वे परमाणु जिनके द्रव्यमान अंक समान तथा परमाणु क्रमांक भिन्न होते हैं, समभारिक कहलाते हैं। समभारिक परमाणु क्रमांक, इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन व न्यूट्रॉन संख्या तथा रासायनिक गुणों में भिन्नता रखते हैं। ये केवल द्रव्यमान अंक समान रखते हैं।

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