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Class 11th biology chapter 4 notes

Class 11th biology chapter 4 notes

अध्याय - 4
जगत-प्रोटिस्टा


Class 11th chapter - 4 notes


वस्तुनिष्ठ प्रश्न बहु-विकल्पीय प्रश्न


1. निम्न में से किस जीव में पादप व जन्तु दोनों के लक्षण पाय जात है?
(i) यूग्लीना,
(iii) जीवाणु,
(ii) अमीबा,
(iv) क्लेमाइडोमोनास।

2. फाइसेरम जिसमें जीव शरीर एक प्लाज्योडियम होता है, किस प्रकार का जीव है ?
(i) नील-हरित शैवाल,
(ii) आर्कबैक्टीरिया,
(iii) स्लाइम मोल्ड,
(iv) प्रोटोजोअन प्रोटिस्ट।

3. निम्न में से किसकी भित्ति में सिलिका का निक्षेपण पाया जाता है ?
(i) डाएनोफ्लैजेलेट्स,
(ii) डाएटम्स,
(iii) स्लाइम मोल्ड,
(iv) स्पोरोजोअन्स ।

4. किस प्रोटिस्ट का संचरण सी-सी मक्खी (Tse tse fily) द्वारा होता है ?
(i) लीशमानिया,
(ii) जिआर्डिया,
(iii) प्लाज्मोडियम,
(iv) ट्रिपेनोसोमा।,

5. जैव-स्फुरदीप्ति प्रदर्शित करने वाले जीव हैं-
(i) स्पोरोजोअन्स,
(ii) यूग्लीनॉइड्स,
(iii) डाएनोफ्लैजेलेट्स
(iv) डाएटम्स।

6. प्रोटिस्ट में चलन अंग होते हैं-
(i) सीलिया,
(ii) फ्लैजिला,
(iii) कूटपाद या स्यूडोपोडिया,
(iv) ये सभी।

Answer
-1. (i),
2. (iii),
 3. (ii),
4. (iv),
5. (iii),
6. (iv)I



एक शब्द/वाक्य में उत्तर


1. यूग्लीना का प्रकाश-संवेदी अंग क्या कहलाता है ?
उत्तर-नेत्रबिन्दु या स्टिग्मा तथा पेराफ्लैजेलर बॉडी।

2. एक ऐसे प्रोटिस्ट का नाम लिखिए जिसका संचरण एनोफिलीज मच्छर द्वारा होता है।
उत्तर-प्लाज्मोडियम (मलेरिया परजीवी)।

3. प्रोटिस्ट में फ्लैजेलम मोनेरा के फ्लैजेलम से किस प्रकार भिन्न होता है ?
उत्तर-प्रोटिस्ट के फ्लैजेलम में सूक्ष्म नलिकाओं की 9 + 2 व्यवस्था पायी जाती है जो मोनेरा में अनुपस्थित होती है।

4. एक मिश्रपोषी प्रोटिस्ट का नाम लिखिए ।
उत्तर-यूग्लीना।

5. डाएटम्स में पाये जाने वाले संग्रही लिपिड का एक लाभ बताइए।
उत्तर-यह उनके शरीर को हल्का बना उन्हें जल सतह पर अक्रिय रूप से तैरने में मदद करता है।



( इस अध्याय से संबंधित प्रश्न जो परीक्षा में पूछे जाने की संभावना रखते हैं )



प्रश्न 1. प्रोटिस्ट में विभिन्न प्रचलन विधियों का संक्षिप्त विवरण दीजिए।
अधवा
एककोशिकीय प्रोटिस्ट में कितने प्रकार से प्रचलन होता है ? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर-प्रोटिस्ट में प्रचलन मुख्यत: तीन संरचनाओं द्वारा होता है जो निम्न प्रकार हैं-

(1) कशाभिकाओं द्वारा - कशाभिका लम्बी धागे के समान संरचना होती है। प्रोटिस्ट के कशाभिका में 9 + 2 व्यवस्था के अनुरूप सूक्ष्म नलिकाएँ उपस्थित होती हैं। कशाभिका
में आधार से शीर्ष की ओर सर्पिल तरंगें (चावुक की भाँति) उत्पन्न होती हैं जो जल को पीछे की ओर धकेलती हैं तथा जीव आगे की ओर बढ़ता है। कशाभिकाओं द्वारा प्रचलन
डाइनोफ्लैजिलेट्स, यूग्लीनॉइड तथा जूफ्लैजिलेट्स में होता है।

(2) पक्ष्माभिकाओं द्वारा-पक्ष्माभ छोटी, महीन एवं धागे के समान संरचना होती है। उनकी आन्तरिक संरचना कशाभिका के समान ही होती है परन्तु ये कशाभिका की आकार में काफी छोटी होती है तथा बहुत बड़ी संख्या में पायी जाती है। इनकी गति नाव के पतवार सदृश्य होती है। सभी पक्ष्माभिकाएँ समन्वित रूप में जीव को आगे बढ़ने में सहायता करती हैं। पक्ष्माभिकाएँ 'पावर स्ट्रोक' के कारण शरीर को आगे बढ़ाती हैं तथा 'रिकवरी स्ट्रोक' में पुनः अपनी वास्तविक स्थिति में आकर पुन: प्रभावी आघात की तैयारी करती हैं। पैरामीशियम इसका सटीक उदाहरण है। सिलिएट सवसे तेज चलने वाले प्रोटिस्ट हैं।

(3) कूटपाद द्वारा-कूटपाद को आभासी पाद भी कहते हैं। ये एक प्रकार के कोशिकाद्रव्यी अस्थायी प्रवर्ध हैं जो जीव को चलने में सहायता करते हैं। ये जीवद्रव्ये के सोल (sol) एवं जेल (gel) अवस्था में परिवर्तित होते रहने से सम्भव होता है। अमीबा, यूग्लाइफा एवं एलफिडियम में इस प्रकार का प्रचलन है।

प्रश्न 2. प्रोटिस्ट में भोजन ग्रहण करने की विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर-प्रोटिस्ट विभिन्न प्राकृतिक आवासों हेतु अनुकूलन वाले जीवों का एक समूह है। इसके सदस्यों में भोजन ग्रहण करने की विधियाँ काफी विविध हैं जो निम्न प्रकार की होती हैं-
(1) प्रकाश-संश्लेषी या पादप समभोजी- इस प्रकार की पोषण विधि उन प्रोटिस्ट में पायी जाती है जिनमें क्लोरोप्लास्ट होता है । इस प्रकार के जीव प्रकाश की
उपस्थिति में प्रकाश-संश्लेषण द्वारा अपना भोजन तैयार करते हैं । ऐसे जीवों के उदाहरण हैं-डाइनोफ्लैजिलेट्स, डाएटम्स एवं यूग्लीनॉयड्स।

(2) जन्तु समभोजी-इस प्रकार के जीवों में भोजन पकड़ने के लिए विशिष्ट अंग होते हैं; जैसे-कूटपाद (pseudopodia) । ये जीव अन्तर्ग्रहण (ingestion) विधि द्वारा भोज
निगलते हैं। भोजन के पाचन के लिए इनकी कोशिका में हाइड्रोलेज एन्जाइम होते हैं। ऐसे प्रोटिस्टों के उदाहरण हैं-प्रोटोजोअन प्रोटिस्ट जैसे- अमीबा, पैरामीशियम आदि।

(3) मृतजीवी-पोषण की इस विधि में जीव अपने शरीर से बाह्य कोशिकीय एन्जाम का स्त्रावण करते हैं। ये एन्जाइम जटिल कार्बनिक पदार्थों को सरल पदार्थों में परिवर्तित करते
हैं तथा इन सरल पदार्थों का अवशोषण करके अपना भोजन प्राप्त करते हैं । श्लेष्म फफूँद इस प्रकार के पोषण के अच्छे उदाहरण हैं।

(4) परजीवी-कुछ प्रोटिस्ट दूसरे जीवों पर रहकर अपना भोजन प्राप्त करते हैं। ये परजीवी परपोषी कोशिका के अन्दर या उससे सम्बन्ध स्थापित करके रहते हैं तथा इन कोशिकाओं से अपना भोजन प्राप्त करते हैं। ऐसे प्रोटिस्ट जीवों के उदाहरण हैं-एण्टअमीबा, प्लाज्मोडियम, ट्रिपैनोसोम्स, वैलेन्टीडियम आदि।

(5) मिश्रपोषी-ऐसे कुछ विशिष्ट प्रोटिस्ट हैं, जो पादपसम एवं जन्तुसम दोनों प्रकार की भोजन विधि अपनाते हैं। ऐसे प्रोटिस्ट का उदाहरण है- यूग्लीना।

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